raiyati khatiyan kya hota hai | रैयती खतीयान क्या होता हैं। रैयती जमीन का क्या अर्थ है

raiyati khatiyan kya hota hai | रैयती खतीयान क्या होता हैं। रैयती जमीन का क्या अर्थ है

झारखंड और बिहार में रहने वाले लोग रैयती जमीन के बारे में बहुत सुने हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को इसके बारे में पता होता हैं की आखिर रैयती जमीन किसे कहते हैं। इस जमीन का मालिक कौन होता हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे विस्तार से ताकि लोगों को इसके बारे में पूरी जानकारी मिल सके। तो आइये जानते हैं। आपका पर्सनल रैयत ज़मीन क्या है सबकी स्पष्ट में उत्तर देना चाहूंगा जिनके नाम से खतियान वगैरह सब होता है या उनके पूर्वजों के नाम से खतियान बना होता है जिनका जमीन होता है वह रैयती किसान होते हैं

 झारखंड और बिहार भू-विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक खेतीलायक जमीन का वैसा हिस्सा जिसे किसान किसी जमींदार के लिए जोतता था, रैयती जमीन कहलाता था। लेकिन जमींदारी प्रथा के समाप्त होने के बाद ऐसे कई जमीन रैयती किसान के अधिकार में आ गए। 

आपको बता दें की कई बार, किसान द्वारा पुश्तैनी तौर से जोते जाने वाली जमीन को भी रैयती जमीन कह दिया जाता है। आज के समय में इस जमीन को भी रैयती जमीन माना जाता हैं। इस जमीन का मालिक वो होता हैं। जिसके नाम से जमीन की खतियान होती हैं। लेकिन अगर 30 साल तक उस जमीन का कोई रसीद नहीं कटता हैं तो उस जमीन को सरकारी जमीन मान लिया जाता हैं और वो जमीन झारखंड और बिहार सरकार की जमीन हो जाती हैं। इसलिए अगर आपके पास पुश्तैनी जमीन हैं तो आप उसका रशीद जरूर कटाते रहें। 

 खतियान/खतौनी वैसे  कागजात होते है  जिसमें  मौजे के पूरा वर्णन के साथ - साथ प्रत्येक किसान के नाम, पिता का नाम /  रकवा / प्लाट नंबर /  मौजे काम नाम /  परगना / तौजी नंबर / जिला एवं  सरकार का नाम तथा पूरा पता जिस कागजात में लिखे जाते है । उसे खतियान कहते है । इस खतियान में प्रत्येक किसान के प्लाट नम्बर उसका क्षेत्रफल डेसीमल/एकड़  और हेक्टेयर में लिखा हुआ रहता है । इस खतियान में भु स्वामी/ज़मीन मालिक  के भूमि से संबंधित जो अधिकार होता है उसका अभिलेख या प्रतिलिपि दिया जाता है ।

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रैयती भूमि क्या है

सिम्पल सी चीज़ समझीय, जिसके नाम से ज़मीन के काग़ज़ात यानी खतीयान होता है उसे ही रैयती कहा जाता हैं।

 खतियान ( खतयोनि ) शब्द से बना है । जिस कागजात में मौजे के पूरा वर्णन के साथ - साथ प्रत्येक किसान के नाम , पिता का नाम , रकवा , प्लाट नंबर , मौजे काम नाम, जिला , सरकार का नाम तथा आसामी का पूरा पता जिस कागजात में लिखे जाते है । उसे खतियान कहते है । इस खतियान में प्रत्येक किसान के प्लाट का क्षेत्रफल एकड़ , डेसीमल और हेक्टेयर में वर्णित रहता है । इस खतियान में भु स्वामी के भूमि से संबंधित जो अधिकार अभिलेख या प्रतिलिपि दिया जाता है । 

नीचे के स्क्रीन्शाट में आप देख सकते है खतियान किस प्रकार का दिखता हैं।



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